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फर्जी बैनामा से जमीन हड़पने का आरोप, अलीगंज में तीन महिलाएं गिरफ्तार

0.304 हेक्टेयर कृषि भूमि से जुड़ा मामला, 2024 में दर्ज हुई थी एफआईआर; पुलिस ने जांच के बाद की कार्रवाई

अलीगंज। कृषि भूमि के कथित फर्जी बैनामे से जुड़े मामले में अलीगंज पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आया कि जमीन की वास्तविक खातेदार महिलाओं के स्थान पर दूसरी महिलाओं को खड़ा कराकर उनके फोटो कथित रूप से बैनामे में इस्तेमाल किए गए थे।

जांच अधिकारी एसआई जयवीर सिंह के मुताबिक, मामले में कंचन, विनीता और मीना देवी की भूमिका सामने आने के बाद तीनों को गिरफ्तार किया गया। इस प्रकरण में वर्ष 2024 में धारा 120बी, 420, 467, 468 और 471 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

चार लाख रुपये में खरीदी गई थी कृषि भूमि

मामला मौजा मुहम्मदपुर पट्टी, परगना आजमनगर स्थित गाटा संख्या 30 की 0.304 हेक्टेयर कृषि भूमि से संबंधित है। शिकायतकर्ता सत्येंद्र कुमार के अनुसार, उन्होंने अपने भाई धर्मेंद्र कुमार, ज्ञान सिंह और अरविंद कुमार तथा भाभियों सीमा और ललित कुमारी के साथ मिलकर जमीन के दो-तिहाई हिस्से को 2 मार्च 2020 को चार लाख रुपये में खरीदा था।

शिकायत के मुताबिक, बैनामा होने के बाद अलीगंज तहसील में जमीन का दाखिल-खारिज भी कराया गया। इसके बाद परिवार द्वारा जमीन पर खेती किए जाने की बात कही गई है।

2024 में सामने आया कथित फर्जीवाड़ा

शिकायतकर्ता का आरोप है कि 31 जनवरी 2024 को इसी भूमि से संबंधित एक कथित फर्जी बैनामा तैयार कराया गया। आरोप है कि इसमें वास्तविक खातेदारों में शामिल सीमा और ललित कुमारी के स्थान पर दूसरी महिलाओं को प्रस्तुत किया गया और उनके फोटो दस्तावेज में लगाए गए।

शिकायत में बैनामे में दर्ज आधार नंबर, हस्ताक्षर और गवाहों को लेकर भी आपत्ति जताई गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

जांच के बाद तीन महिलाओं पर कार्रवाई

पुलिस जांच में कथित फर्जी बैनामे में इस्तेमाल की गई महिलाओं की पहचान कंचन और विनीता के रूप में हुई। पूछताछ और जांच के दौरान मीना देवी की भूमिका भी सामने आने की बात पुलिस ने कही। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

दस्तावेजों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच

पुलिस के अनुसार, मामले में बैनामे पर लगाए गए फोटो, आधार संबंधी विवरण, हस्ताक्षर और गवाहों से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। अलीगंज तहसील में दाखिल किए गए संबंधित दस्तावेजों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।

जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित फर्जी बैनामा तैयार कराने में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। पुलिस ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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